नई दिल्ली। आल इंडिया उलमा व मशायख़ बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हजरत सैय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने दुनिया के तमाम लोगों को ईद उल फ़ित्र की मुबारकबाद पेश करते हुए कहा कि ईद अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की जानिब से रमज़ानुल मुबारक के रोज़े के बाद तोहफ़ा है, और मोमिन अपने रब की बारगाह में यौमे ईद शुक्र का सजदा करते हैं और आपस में मुहब्बतों का इज़हार करते हैं यह ऐसा अमल है जिससे अल्लाह राज़ी होता है ।
उन्होंने कहा कि दुनिया में जिस तरह के हालात बने हुए हैं और ज़ालिम नाहक इंसानी ख़ून बहा रहे हैं छोटे छोटे बच्चों को भी नहीं बख़्श रहे ऐसे में एहतेजाज़ के तौर पर ईद न मनाना या फिर कोई प्रदर्शन करना ईद के दिन हरगिज़ मुनासिब नहीं ,क्योंकि ईद अल्लाह का दिया तोहफा है जिससे मुँह मोड़ना हरगिज़ जायज़ अमल नहीं। हज़रत ने मुसलमानों से अपील की कि वह सादगी के साथ ईद मनाये और ईद के असल पैग़ाम को आम भी करें साथ ही ईद की नमाज़ के बाद हर जगह मज़लूमों के हक़ में दुआ का एहतेमाम किया जाये अपने रब की बारगाह में गिड़गिड़ा कर दुनिया में अमनो अमान के लिए और ज़ालिम और ज़ुल्म के ख़ात्मे के लिये दुआ की जाये ।
उन्होंने कहा काली पट्टी बाँधना या काला लिबास पहनना यौमे ईद मुनासिब नहीं इसकी जगह अपने रब की बारगाह में इस्तेगासा पेश करना ऐन शरई अमल है और यह ज़रूरत भी साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईद के मौक़े पर जरूरतमंदों की खूब मदद की जाए और बिना मज़हब या मसलक देखे लोगों के साथ बर्ताव किया जाए ।हज़रत ने कहा कि ईरान या दीगर मुल्कों में जिस तरह के हालात हैं अल्लाह से हम सब दुआ गो हैं कि जल्द हालात बेहतर हों और जंग बंद हो ताकि दुनिया में अमन कायम हो और हमारा मुल्क भी शांति का गहवारा बनें।