
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से महिला सुरक्षा को तार-तार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने एक महिला मजदूर के साथ दुष्कर्म करने और उसका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी ने न केवल पीड़िता की बेसुधी का फायदा उठाकर उसके साथ हैवानियत की, बल्कि बाद में उसके निजी वीडियो सोशल मीडिया और परिवार के सदस्यों को भेजकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया। रायगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
यह पूरा मामला रायगढ़ के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिला (32 वर्ष) वर्ष 2024-25 के दौरान पूंजीपथरा इलाके में मजदूरी का काम करती थी।
इसी दौरान उसकी जान-पहचान आरोपी पंकज गोपाल उर्फ पंकज यादव से हुई, जो ‘सिंघल गेट प्लांट’ में सुपरवाइजर के तौर पर कार्यरत था। जान-पहचान का फायदा उठाकर आरोपी ने घिनौनी साजिश रची। 20 मार्च 2025 की शाम, पंकज एक अन्य महिला के साथ पीड़िता के कमरे पर पहुंचा और उसे चाय में नशीली दवा मिलाकर पिला दी। जब पीड़िता बेसुध हो गई, तो आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। अप्रैल 2025 में उसने दोबारा शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया,जिससे डरकर पीड़िता अपना काम छोड़कर अपने गांव वापस चली गई।लेकिन आरोपी की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। करीब एक महीने पहले आरोपी ने पीड़िता के मोबाइल से उसके आपत्तिजनक वीडियो निकाल लिए और उन्हें पीड़िता के परिजनों के मोबाइल नंबरों पर भेजकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इस मानसिक प्रताड़ना से तंग
आकर पीड़िता ने जशपुर जिले के कांसाबेल थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसे बाद में जांच के लिए पूंजीपथरा पुलिस को सौंपा गया।
पूंजीपथरा थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घेराबंदी की और 21 फरवरी को आरोपी पंकज यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जब आरोपी के मोबाइल की जांच की, तो उसमें पीड़िता के आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए। इसके आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66(डी) और 67(ए) भी जोड़ी गई हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है।
रायगढ़ के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों में रायगढ़ पुलिस शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपना रही है।




