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Cg News : खरसिया मंगल कार्बन फैक्ट्री हादसा: तीन मजदूरों और एक बच्ची की मौत, पुलिस ने मालिक पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया…

रायगढ़।खरसिया की मंगल कार्बन फैक्ट्री में हुए भयावह हादसे के बाद पुलिस ने अब गंभीर कदम उठाया है। प्लांट मालिक अविनाश गर्ग के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का अपराध दर्ज किया गया है। इससे पहले दोनों मैनेजरों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जा चुका है।

हादसा इतना भयावह है कि एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां इसमें दम तोड़ गईं। मृतक मजदूर साहेबराम खड़िया, शिव खड़िया और भूमि खड़िया सभी एक ही परिवार के थे। इसके अलावा मृतक इंदीवर महज 19 वर्ष का था। इस दर्दनाक हादसे ने जिले में छोटे और मझोले प्लांटों में श्रमिक सुरक्षा की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस ने अविनाश गर्ग के खिलाफ बीएनएस धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा लापरवाही से किसी की मृत्यु होने पर लगती है और इसके तहत 5 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। यह पुरानी आईपीसी धारा 304A की जगह लागू की गई है। इस मामले में फिलहाल तीन आरोपी हैं।

अनदेखी की ज्वलंत तस्वीर

रायगढ़ जिले में बड़े पावर और स्टील प्लांटों में श्रम कानूनों के पालन के लिए सख्ती की जा रही है, लेकिन छोटे और मझोले प्लांटों पर किसी का ध्यान नहीं है। जिले में कई टायर गलाने की फैक्ट्रियां, स्लैग क्रशर, स्टोन क्रशर, रिफेक्ट्रीज और बारुद फैक्ट्रियां हैं, जिनमें मजदूरों की सुरक्षा की अनदेखी आम है।

मंगल कार्बन फैक्ट्री बानीपाथर में सात में से तीन मजदूर और एक छोटी बच्ची की जान जा चुकी है। फैक्ट्री की जमीन महेश गर्ग के नाम है, लाइसेंस अविनाश गर्ग के नाम पर और संचालन दूसरे शख्स के जिम्मे है। मजदूरों को कभी विधिवत प्रशिक्षण नहीं दिया गया और कोई विशेषज्ञ भी तैनात नहीं था।

सुरक्षा और स्वास्थ्य की दृष्टि से यह फैक्ट्री बेहद संवेदनशील है। इसके बावजूद ईएसआईसी केवल निरीक्षण और वसूली तक सीमित है, और पर्यावरण विभाग की शर्त के बावजूद उत्पादित कार्बन केवल सीमेंट प्लांटों में इस्तेमाल करने का नियम पालन नहीं किया गया।

इस हादसे के बाद विधायक उमेश पटेल ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी । उन्होंने कहा कि मजदूरों की जान चली जाने जैसी घटनाएं न केवल परिवारों के लिए बल्कि समाज के लिए भी अत्यंत दुखद हैं और छोटे-प्लांटों में सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

यह हादसा छोटे प्लांटों में मजदूर सुरक्षा की अनदेखी की चेतावनी है और स्थानीय प्रशासन के लिए सख्त कदम उठाने का समय अब अनिवार्य कर देता है।

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