
शबे-कद्र की रौनक, खत्मुल कुरान पर पेश इमाम की गई, इज़्ज़त अफ़ज़ाई….
बालोद।जामा मस्जिद बालोद मे रमज़ान-उल-मुबारक के आख़िरी अशरा के दौरान शबे-कद्र का मुबारक मौका बड़े ही खुशनुमा और रूहानी माहौल में मनाया गया। इस दौरान बड़ी तादाद में नमाज़ियों ने नमाज़ अदा की और रात भर इबादत में मशगूल रहे। लोगों ने अपने मरहूमीन की बख्शिश के लिए कब्रिस्तान जाकर दुआएँ भी कीं।
इसी मौके पर तरावीह की नमाज़ में खत्मुल कुरान भी मुकम्मल हुआ। जमात की जानिब से इमाम साहब और मोअज्जन साहब को नजराना पेश किया गया। नमाज़-ए-ईशा के बाद मिलाद की महफिल भी मुनक्किद की गई।
इंतजामिया कमेटी जामा मस्जिद के मुतवल्ली शाहिद अहमद खान ने तरावीह में कलाम-ए-पाक मुकम्मल करने पर पेश इमाम मोहम्मद शकील चिश्ती को 1,11,000 रुपये, मोअज्जन मुश्ताक आलम रिजवी को 70,000 रुपये, मुदर्रिस मुश्ताक पटेल को 15,000 रुपये तथा कब्रिस्तान की देखरेख करने वाले अमजद खान को 5,000 रुपये नजराना देकर सम्मानित किया।
इसके साथ ही एतेकाफ में बैठे रेहान तिगाला, सैजल खान, मोहम्मद हस्सान मिर्ज़ा, मोहम्मद अदनान कुरैशी, ज़ैद रज़ा और जीशान रज़ा को भी नजराना देकर उनकी हौसला अफज़ाई की गई।
नजराना अदा करने के बाद मुत्वल्ली शाहिद अहमद खान ने कहा कि जमात के सभी लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर इस नेक काम को अंजाम दिया, जिसके लिए वे सभी के शुक्रगुजार हैं। उन्होंने इफ्तार के बेहतर इंतजाम के लिए नायब सदर हुसैन भाई, अतहर बक्श, इस्माइल खान, मजीद खान, समीर खान, शाहनवाज़ खान, आदिल गोरी, सईद तिगाला सहित कमेटी के सभी सदस्यों का आभार जताया।
वहीं जामा मस्जिद के पेश ईमाम मोहम्मद शकील चिस्ती ने जमातियों का शुक्रिया अदा की।
इस मौके पर मिलादे महफिल और सब्बेदारी के बाद मुस्लिम नवयुवकों की जानिब से सहरी में बिरयानी, हरा-भरा कबाब और पोहा का बेहतरीन इंतजाम किया गया। वहीं हर साल की तरह इस साल भी हाजी जब्बार तिगाला की जानिब से बेहतरीन शिरनी तक्सीम की गई।
महफिल-ए-मिलाद की शानदार निज़ामत आदिल हामिद सिद्दीकी ने अंजाम दी।




