Cg News : नगर पंचायत का लेखापाल, 8 हजार लेते रंगे हाथों गिरफ्तार….बिल पास करने मांगी रिश्वत….

सीबी, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा लगातार चलाये जा जा रहे ट्रैप अभियान के तहत एसीबी इकाई बिलासपुर ने जांजगीर जिले में नवागढ़ नगर पंचायत के लेखापाल को 8 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा है।
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को एसीबी की बिलासपुर इकाई ने जांजगीर जिले के नवागढ़ नगर पंचायत में पदस्थ लेखापाल (अकाउंटेंट) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी लेखापाल एक ठेकेदार से उसके बकाया बिल का चेक जारी करने के बदले कमीशन की मांग कर रहा था। इस कार्रवाई के बाद से नगर पंचायत कार्यालय और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?…
एसीबी बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि नवागढ़ निवासी प्रार्थी अब्दुल वहाब ने ब्यूरो में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। वहाब की फर्म ने नगर पंचायत नवागढ़ क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान अधोसंरचना विकास और मरम्मत से संबंधित विभिन्न कार्य किए थे। इन कार्यों के बदले लगभग 2,03,000 रुपये का बिल भुगतान लंबित था। आरोप है कि इस राशि का चेक जारी करने के एवज में नगर पंचायत का लेखापाल 16,000 रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
सौदा तय हुआ और बिछाया गया जाल….
शिकायत के अनुसार, प्रार्थी पहले ही आरोपी को 6,000 रुपये दे चुका था, लेकिन लेखापाल बाकी के 10,000 रुपये के लिए अड़ा हुआ था। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी की शरण ली। ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन किया, जो पूरी तरह सही पाई गई। सत्यापन के दौरान मोलभाव हुआ और आरोपी 10,000 की जगह 8,000 रुपये लेने पर सहमत हो गया। इसके बाद एसीबी की टीम ने ट्रैप की योजना तैयार की।
कार में छिपाए पैसे, फिर भी नहीं बच सका आरोपी
20 मार्च को योजना के मुताबिक प्रार्थी जैसे ही रिश्वत की रकम लेकर पहुंचा, आरोपी ने 8,000 रुपये नकद लिए और उसे अपनी कार में रख दिया। इसी दौरान आसपास सादे लिबास में तैनात एसीबी की टीम ने ग्राम सेमरा के पास स्थित शाह क्रशर के पास घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। तलाशी लेने पर आरोपी की कार से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई। टीम ने तत्काल आरोपी के हाथ धुलवाए, जिससे पाउडर लगे नोटों की पुष्टि हो गई।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई….
एसीबी ने आरोपी लेखापाल के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। एसीबी ने इस सफल ऑपरेशन के बाद एक बार फिर आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत ब्यूरो को सूचित करें।




