
रायगढ़। ट्रेड यूनियन काउंसिल रायगढ़ के उपाध्यक्ष शेख कलीमुल्लाह सचिव श्याम जायसवाल ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पारित 4 श्रम संहिता के विरोध में केंद्रीय ट्रेड यूनियनो के संयुक्त मंच में 1 अप्रैल 2026 को काला दिवस मनाने का आह्वान किया. इसी आह्वान के परिपेक्ष में ट्रेड यूनियन काउंसिल रायगढ़ द्वारा जीवन बीमा निगम कार्यालय सत्ती गुड़ी चौक में गेट मीटिंग कर श्रम संहिता की विरोध में नारे बाजी कर वापस लेने की मांग की गई।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सरकार द्वारा 21 नवंबर 2025 को गजट नोटिफिकेशन के द्वारा चार आश्रम संहिता को देश भर में लागू किया गया.तब से लगातार ट्रेड यूनियंस की संयुक्त समिति इसका विरोध कर रही है. केंद्रीय ट्रेड यूनियन की संयुक्त समिति ने विगत 12 फरवरी 2026 को आम हड़ताल का आह्वान कर विरोध जताया इसके बावजूद केंद्र सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से इसे क्रियाशील कर दिया गया है. इसके विरोध में काला दिवस का आह्वान कर पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए गए . रायगढ़ में जीवन बीमा निगम कार्यालय में गेट मीटिंग आयोजित किया गया. जिसे ट्रेड यूनियन काउंसिल के उपाध्यक्ष शेख कलीमुल्लाह कोषाध्यक्ष सुनील मेघमाला, बिलासपुर डिविजन इंप्लाइज एसोसिएशन के साथी रंकामनी बारिक साथी प्रवीण तंबोली ने संबोधित किया. वक्ताओ ने कहा कि यह श्रम संहिता मजदूरों के हित साधने के बजाय नियोक्ता के हित साध रही है.श्रम संहिता में कार्य समय सीमा 8 घंटे के बजाय 12 घंटा कर दिया गया है, फिक्स टर्म रोजगार को सामान्य बनाकर स्थाई नौकरी और सामाजिक सुरक्षा को कमजोर किया गया है,श्रम संहिता में यूनियन निर्माण के लिए कठोर प्रावधान किए गए हैं ताकि यूनियनों का निर्माण ना हो,श्रम निरीक्षक की भूमिका को कम कर दिया गया ताकि फैक्ट्री में शासकीय नियंत्रण कम से कम हो. यही वजह है कि श्रम संहिता के लागू होने पर हम विरोध दिवस मना रहे हैं. हमारी मांग है कि सरकार पुनर्विचार करते हुए श्रम संहिता को वापस लेवें. कार्यक्रम में काफी संख्या में बीमा कर्मचारी उपस्थित थे.कार्यक्रम का संचालन साथी प्रवीण तंबोली ने किया तथा आभार प्रदर्शन साथी शेख कलीमुल्लाह द्वारा किया गया।




