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Raigarh News : रायगढ़ के तीन बड़े उद्योगों पर सख्त कार्यवाही, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर 10 लाख का लगा जुर्माना…

फाईल फोटो

रायगढ़। जिले में उद्योगों में सुरक्षा मानकों की कमी से हो रहे हादसों के बाद विभाग की जांच में पाए गए उल्लंघनों पर श्रम न्यायालय ने कार्रवाई की है। जनवरी में दायर पांच मामलों में तीन उद्योगों पर कुल करीब 10 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। 

तीन उद्योगों पर श्रम न्यायालय ने लगाया जुर्माना

रायगढ़ जिले में संचालित उद्योगों में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी के चलते हुए हादसों के बाद अब श्रम न्यायालय ने तीन उद्योगों पर लगभग 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा दायर किए गए पांच मामलों में यह फैसला आया है, जो उद्योगों में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।

पिछले कुछ समय से रायगढ़ जिले में स्थापित विभिन्न उद्योगों में सुरक्षा मानकों की कमी के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन दुर्घटनाओं में कई श्रमिकों की जान जा चुकी है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इन घटनाओं के बाद, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की टीमों ने सक्रियता से जांच की और उल्लंघन पाए जाने पर अपराधिक प्रकरण बनाकर श्रम न्यायालय में दायर किए।

श्रम न्यायालय का फैसला
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के उप संचालक राहुल पटेल ने बताया कि समय-समय पर रायगढ़ जिले के कारखानों की जांच की जाती है। किसी भी दुर्घटना या शिकायत के बाद, प्रकरण को श्रम न्यायालय में प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने बताया कि पूर्व में जनवरी माह में प्रस्तुत किए गए पांच प्रकरणों का फैसला आ गया है, जिसके तहत तीन उद्योगों पर कुल लगभग 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

अर्थदंड की सूची
श्रम न्यायालय द्वारा लगाए गए अर्थदंड का विवरण इस प्रकार है:

उद्योग का नाम    –   लगाया गया जुर्माना
मेसर्स जिंदल स्टील एण्ड पावर लिमिटेड यूनिट -4    – 70,000 रुपये
मेसर्स एमएसपी स्टील एंड पावर लिमिटेड जामगांव    – 1,60,000 रुपये
मेसर्स एमएसपी स्टील एंड पावर लिमिटेड जामगांव    – 1,60,000 रुपये
मेसर्स एमएसपी स्टील एंड पावर लिमिटेड जामगांव    – 1,40,000 रुपये
मेसर्स एमएसपी स्टील एंड पावर लिमिटेड जामगांव    – 1,40,000 रुपये
मेसर्स आर. एस. इस्पात ओपी इंडस्ट्रीयल पार्क            – 1,40,000 रुपये

सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर परिणाम
यह जुर्माना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सुरक्षा मानकों का पालन न करना उद्योगों के लिए कितना महंगा साबित हो सकता है। श्रमिकों की सुरक्षा किसी भी उद्योग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। विभाग द्वारा दायर किए गए आपराधिक प्रकरण इस बात को रेखांकित करते हैं कि ऐसे मामलों में सिर्फ जुर्माना ही नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

यह घटना रायगढ़ जिले में संचालित सभी उद्योगों के लिए एक चेतावनी है कि वे तत्काल अपने सुरक्षा उपायों की समीक्षा करें और सुनिश्चित करें कि सभी श्रमिकों को सुरक्षित कार्य वातावरण मिले। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सख्त अनुपालन और नियमित निरीक्षण आवश्यक हैं।

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