छत्तीसगढ़जांजगीर - चांपा

CG News: पोस्ट ऑफिस के एजेंट ने डाला करोड़ों का ‘डाका’ 200 खाताधारकों को लगाया चूना, फर्जी सील और साइन से किया गबन…

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां चांपा पोस्ट ऑफिस के एक एजेंट ने अपनी साख का फायदा उठाकर करीब 200 लोगों की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर दिया।

आरोपी एजेंट दीपक देवांगन ने बीते 5 सालों में फर्जी एंट्री, फर्जी हस्ताक्षर और डाकघर की नकली मुहर का इस्तेमाल कर लगभग 1 करोड़ रुपये से अधिक का गबन किया है।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और प्राथमिक पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

धोखाधड़ी का यह मामला तब उजागर हुआ जब चांपा निवासी राजकुमार देवांगन ने 16 दिसंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

राजकुमार साल 2018 से एजेंट दीपक के माध्यम से अपने दो खातों में हर महीने 1500 रुपये की किस्त जमा कर रहे थे। उन्होंने कुल 66,000 रुपये एजेंट को दिए थे, लेकिन जब खाते की जांच हुई तो पता चला कि खाते में केवल 6,900 रुपये ही जमा हुए हैं।

बाकी के 59,100 रुपये एजेंट ने डकार लिए थे। आरोपी ने पीड़ित को गुमराह करने के लिए उसकी पासबुक में फर्जी प्रविष्टियां की थीं और डाकघर की नकली सील भी लगा दी थी।

200 लोग शिकार, ऑनलाइन सट्टे में उड़ाई रकम:

पुलिस की जांच में सामने आया कि राजकुमार अकेले पीड़ित नहीं हैं। दीपक देवांगन ने इसी तरह करीब 200 अन्य खाताधारकों के साथ भी करोड़ों की ठगी की है। गिरफ्तार होने के बाद आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

उसने पुलिस को बताया कि गबन की गई पूरी राशि वह ऑनलाइन बेटिंग (सट्टा) ऐप्स में हार गया। अपनी लत को पूरा करने के लिए वह मासूम खाताधारकों की जमा पूंजी को लगातार दांव पर लगाता रहा।

पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी:

चांपा थाना पुलिस ने आरोपी के पास से धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।

पुलिस ने उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन, दो फर्जी सिम कार्ड, 4 बैंक खातों की जानकारी, एजेंट का लाइसेंस और लगभग 150 पोस्ट ऑफिस पासबुक जब्त की हैं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस बड़े घोटाले में डाकघर का कोई अन्य कर्मचारी भी शामिल था।

आरोपी दीपक देवांगन को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

Related Articles

Back to top button

You cannot copy content of this page