आकाश झूला अचानक टूटकर गिरा…सुरक्षा व्यवस्था में दिखा भारी चूक….

मेले में : आकाश झूला गिरा….दो युवतियां गंभीर रूप से घायल
जांजगीर-चांपा..शिवरीनारायण में आयोजित प्रसिद्ध मेले की चकाचौंध उस वक्त मातम में बदल गई, जब नगर पंचायत कार्यालय के ठीक सामने लगा आकाश झूला अचानक टूटकर नीचे आ गिरा। हादसे में दो युवतियां गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनमें एक की हालत नाजुक बताई जा रही है। यह घटना न सिर्फ एक तकनीकी विफलता है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की खुली तस्वीर भी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक,शाम करीब चार बजे मेला अपने चरम पर था। इसी दौरान झूले का एक भारी हिस्सा तेज आवाज के साथ नीचे गिर पड़ा। झूले के नीचे खड़ी दो युवतियां संभल पातीं, उससे पहले ही उसकी चपेट में आ गईं। कुछ ही सेकंड में चीख-पुकार मच गई और मेला परिसर में अफरा-तफरी फैल गई।
स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और तत्काल शबरी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, एक युवती की हालत बेहद गंभीर है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बिलासपुर रेफर किया गया है।
घटना ने मेले में मौजूद सुरक्षा व्यवस्था और अनुमति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर पंचायत कार्यालय के सामने लगे झूले का हादसे का शिकार होना इस बात की ओर इशारा करता है कि जांच और निगरानी केवल कागजों तक सीमित रही। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि झूलों की तकनीकी जांच औपचारिकता बन चुकी है और ठेकेदारों को खुली छूट दी जा रही है।
हैरानी की बात यह है कि मेले में ‘मौत का कुआं’ और अन्य जोखिम भरे मनोरंजन साधन भी बिना ठोस सुरक्षा इंतजामों के संचालित किए जा रहे हैं। सवाल यह है कि हादसे से पहले जिम्मेदारों की नजर कहां थी और अब जवाबदेही किसकी तय होगी?
फिलहाल हादसे के बाद मेला परिसर में दहशत का माहौल है। लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि जब मनोरंजन पर मुनाफा हावी हो जाए और प्रशासन आंखें मूंद ले, तो उसकी कीमत आम लोगों को अपनी जान और सेहत से चुकानी पड़ती है।




