नई दिल्ली

राष्ट्रपति भवन में पद्म सम्मान समारोह, में मध्यप्रदेश की 4 और छत्तीसगढ़ की 3 हस्तियों को मिलेगा पद्मश्री…

नई दिल्ली। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कारों के तहत आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति वर्ष 2026 के पहले नागरिक अलंकरण समारोह में 66 विभूतियों को सम्मानित करेंगी। समारोह में 2 हस्तियों को पद्म विभूषण, 6 को पद्म भूषण और 58 लोगों को पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

इस बार मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की कुल 7 हस्तियों को पद्मश्री सम्मान के लिए चुना गया है। साहित्य, शिक्षा, समाज सेवा, पुरातत्व, पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक युद्धकला जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले इन लोगों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।

मध्यप्रदेश की इन हस्तियों को मिलेगा पद्मश्री….

भोपाल के साहित्यकार और शिक्षाविद् कैलाश चंद्र पंत को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। सुधारवादी विचारधारा से प्रेरित होकर उन्होंने पत्रकारिता और सामाजिक जागरूकता को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया।

‘बैतूल के जल पुरुष’ के नाम से प्रसिद्ध मोहन नागर को समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए पद्मश्री सम्मान मिलेगा। वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और “गंगा अवतरण अभियान” जैसी पहलों के जरिए उन्होंने ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया।

पुरातत्वविद् डॉ. नारायण व्यास को पुरातत्व क्षेत्र में चार दशकों तक दिए गए योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कई ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और उत्खनन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा विद्यार्थियों को प्रशिक्षण भी दिया।
सागर के ऐतिहासिक “छत्रसाल बुंदेला अखाड़े” से जुड़े भगवानदास रायकवार को बुंदेली पारंपरिक युद्धकला को पुनर्जीवित करने के लिए पद्मश्री से नवाजा जाएगा। उन्होंने युवाओं को प्रशिक्षण देकर इस विलुप्त होती कला को नई पहचान दिलाई।

छत्तीसगढ़ की 3 विभूतियों का भी सम्मान…

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से तीन समाजसेवियों को पद्मश्री सम्मान के लिए चुना गया है।

बारसूर स्थित वनवासी कल्याण आश्रम में रहकर पिछले 35 वर्षों से आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने वाले गोड़बोले दंपति को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने दूरस्थ वनांचलों में स्वास्थ्य और सेवा कार्यों के जरिए विशेष पहचान बनाई है।

वहीं दंतेवाड़ा जिले के ही हीरानार गांव की समाजसेवी बुधरी ताती को महिला उत्थान, नशामुक्ति और जनजागरूकता अभियान के लिए पद्मश्री सम्मान दिया जाएगा। वर्ष 1984 से वे बस्तर के अंदरूनी इलाकों में साक्षरता और सामाजिक जागरूकता के लिए लगातार कार्य कर रही हैं।

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