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50 हजार की रिश्वत मांगते कलेक्ट्रेट क्लर्क को ACB ने रंगे हाथों दबोचा!…

ACB की टीम ने चेक से रिश्वत लेते हुए एक आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है..रायगढ़ कलेक्ट्रेट में पदस्थ आरोपी ने मुआवजा ट्रांसफर करवाने के लिए पैसे मांगे थे

रायगढ़।छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में पदस्थ एक बाबू को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। बाबू कलेक्ट्रेट कार्यालय में राहत और आपदा प्रबंधन शाखा में काम करता था। बाबू ने पीड़ित युवक से 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। उसने पैसे अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए कहा था।

बाबू ने पीड़ित से मुआवजा राशि को बैंक खाते में भुगतान कराने 50 हजार मांग रहा था। आरोपी को हस्ताक्षर वाले चेक के साथ एसीबी की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा है।

क्या है पूरा मामला…

दरअसल,मामला जिले के पुसौर तहसील के बुलाकी गांव का है। बुलाकी गांव के रहने वाले विजय सिदार ने बिलासपुर एसीबी में मामले की शिकायत की थी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया था कि क्लर्क काम करवाने के एवज में 50 हजार रुपये के मुआवजे की मांग कर रहा है। विजय सिदार ने बताया कि उसकी पत्नी रामकुमारी की मौत 2023 में सर्पदंश के कारण हो गई थी।

सरकार की शासन की योजना के तहत मिलने वाली मुआवजा राशि लेने के लिए उसने राजस्व विभाग में आवेदन किया गया था। लेकिन लंबे समय से यह प्रकरण कलेक्ट्रेट कार्यालय रायगढ़ में पेंडिंग था। इसके लिए उसने कलेक्ट्रेट कार्यालय रायगढ़ के आपदा प्रबंधन शाखा के बाबू राजकुमार सिदार से मुलाकात की।

पैसे ट्रांसफर करने के बदले में मांगे पैसे…

विजय सिदार ने ACB को शिकायत में बताया कि बाबू राजकुमार सिदार ने कहा कि वह पेंडिग पैसों को खाते में डलवा देंगे लेकिन इसके बदले में 50 हजार रुपये लेंगे। पीड़ित की शिकायत पर टीम ने जांच की। जांच सही पाई गई तो मंगलवार को योजना के तहत टीम ने कार्रवाई करने के लिए रायगढ़ कलेक्ट्रेट के राहत एवं आपदा प्रबंधन शाखा पहुंची।

यहां पीड़ित विजय सिदार ने जैसे ही ऑफिस के बाबू राजकुमार सिदार को 50 हजार रुपए का चेक लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने कहा कि चेक से रिश्वत लेने का पहला मामला है। फिलहाल आरोपी बाबू को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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