
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला रोजगार अधिकारी, जशपुर द्वारा पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की गई। 1 जुलाई 2026 को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में अजय गुप्ता के खिलाफ छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप प्रथम दृष्टया सही व प्रमाणित पाए गए। इसके बाद जशपुर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के 10 जुलाई 2026 के प्रस्ताव के आधार पर संभागीय आयुक्त ने निलंबन की बड़ी कार्रवाई की है।
सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन पर गिरी गाज, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा कार्यालय किया गया अटैच आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि आरोपी कर्मचारी अजय गुप्ता का यह कृत्य ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965’ के नियम 3 एवं नियम 22 के सर्वथा विपरीत और शासकीय सेवा की मर्यादा के खिलाफ है।
इसी आधार पर ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966’ के नियम 9 (1) का प्रयोग करते हुए अजय गुप्ता को शासकीय सेवा से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की इस अवधि के दौरान उनका आधिकारिक मुख्यालय ‘कार्यालय क्षेत्रीय सहायक संचालक, उच्च शिक्षा सरगुजा संभाग, अम्बिकापुर’ नियत किया गया है। निलंबन काल में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।




