चक्रधर नगर में स्थित शासकीय मुर्गी फार्म को हटाने के लिये न्यायालय में प्रकरण पंजीबद्ध …

उप संचालक पशु पालन विभाग को न्यायालय से नोटिस जारी…
रायगढ़।शासकीय पोल्ट्री फार्म जो कि दक्षिण चक्रधर नगर में घनी आबादी क्षेत्र में स्थित है जिसका प्रबंधन प्रशासकीय नियंत्रण के अधीन शासकीय पशु पालन विभाग के रायगढ़ के द्वारा किया जाता है। उक्त पोल्ट्री फार्म के मुर्गीयों के अपशिष्ट पदार्थों से उत्पन्न तीव्र दुर्गंध से आसपास के निवासी परेशान है और तीव्र बदबू से लोगों का जीना कष्टमय हो गया है रात्रि में उक्त बदबू व प्रदूषण अत्यधिक तीव्र हो जाती है और समय- समय पर बर्ड फ्लू की बीमारी भी प्रभावशील रहती है।
और कुछ दिन पूर्व बिलासपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने से भी
बर्ड फ्लू की संभावना इस मुर्गी फार्म में उत्पन्न हो गई थी।
अधिवक्ता राजीव कालिया का कहना है की ….
” आसपास के लोग इस पोल्ट्री फार्म से उत्पन्न तीव्र दुर्गंध से अत्यधिक परेशान है जब संबंधित विभाग प्रदूषण को नियंत्रित
करने में असफल है तो समस्या के निवारण के लिये न्यायालयीन शरण ही एक रास्ता है”।

अधिवक्ता :- राजीव कालिया
इस मुर्गी फार्म के वायु प्रदूषण के कारण आसपास के लोगों की परेशानियों को देखते हुये एवं बर्ड फ्लू बीमारी के संक्रमण की संभावना के कारण वार्ड क्रमांक 27 छोटे अतरमुड़ा के पार्षद आशीष ताम्रकार के द्वारा अपने अधिवक्ता श्री राजीव कालिया एवं सहयोगी अधिवक्तागण रीना उरांव, बबीता नवनीत के माध्यम से रायगढ़ न्यायालय में एक प्रकरण उक्त मुर्गी फार्म को बंद करने एवं अन्यत्र स्थानांतरण किये जाने के लिये प्रस्तुत
किया गया है जिसमें माननीय न्यायालय के द्वारा प्रकरण को पंजीबद्ध करते हुये उप संचालक पशु पालन विभाग को
नोटिस भी जारी किये जाने का आदेश पारित किया गया है।
पार्षद आशीष ताम्रकार का कहना है कि :-
जनहित में और लोगों की परेशानियों के कारण पोल्ट्री फार्म को अन्यत्र स्थानांतरित किया जाना आवश्यक है।

विदित हो कि वायु मण्डल में उक्त पोल्ट्री फार्म के कारण हो रहे प्रदूषण से अमोनिया, मिथेन, कार्बन डाई ऑक्साईड, नाइट्रस ऑक्साइड, हाइड्रोजन सल्फाइड व अन्य वाष्पशील कार्बनिक यौगिक हानिकारक व गंध युक्त गैसें उत्सर्जित होती है परिणाम स्वरूप वातावरण व वायु मण्डल अस्वस्थ कर होकर प्रदूषित हो गया है। पूर्व में कई अवसरों में बर्ड फ्लू की बीमारी भी उक्त पोल्ट्री फार्म में उत्पन्न हुई है जिसके कारण पोल्ट्री फार्म के मार्ग को शासन के द्वारा प्रतिबंधित भी किया जाता है तथा मुर्गीयों व चूजों को नष्ट किया जाता है और बर्ड फ्लू की बीमारी के संक्रमण से बचने के लिये सम्यक उपाय किये जाते है किंतु आज पर्यन्त तक उक्त पोल्ट्री फार्म को रिहायसी इलाका से दूर पृथक तौर पर अन्यत्र नहीं स्थापित किया गया है जबकि शासन का नियम के अनुसार मुर्गी फार्म आबादी क्षेत्र में वर्जित है।
अब देखना है कि क्या प्रशासन स्वतः उक्त मुर्गी फार्म को अन्यत्र स्थानांतरित करता है या नहीं ?




