फर्जी ट्रांसफर आदेश पर एक्शन: बीजेपी के जिला महामंत्री एवं उपाध्यक्ष सहित 4 पदाधिकारी गिरफ्तार इधर पार्टी ने किया निष्कासित…

बलौदाबाजार। जिले के पलारी में फर्जी ट्रांसफर आदेश के जरिए सरकारी कर्मचारी को स्थानांतरण का लाभ दिलाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में बीजेपी के जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी, जिला उपाध्यक्ष पुनीराम पटेल और ग्रामीण चिकित्सा सहायक (RMA) करण कुमार देवांगन समेत अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय के फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किया गया और उसे असली बताकर सरकारी कार्यालय में प्रस्तुत किया गया।
मामले में पलारी थाना पुलिस ने 21 अगस्त की रात FIR दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5), 318(4), 336(3), 337, 338 और 340(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रोहांसी से मोपर ट्रांसफर का आदेश किया था पेश…
पुलिस के मुताबिक, करण कुमार देवांगन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांसी में ग्रामीण चिकित्सा सहायक के पद पर पदस्थ है। उसने 17 अगस्त को खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी के समक्ष एक कथित ट्रांसफर आदेश प्रस्तुत किया था।
इस आदेश में करण देवांगन को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहांसी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोपर, विकासखंड भाटापारा स्थानांतरित किए जाने का उल्लेख था। आदेश में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बलौदाबाजार-भाटापारा कार्यालय का आदेश क्रमांक एनएचएम/एआर/2026-27/1359 और तारीख 14 अगस्त 2026 दर्ज थी।
CMHO कार्यालय ने बताया- आदेश जारी ही नहीं हुआ…
दस्तावेज की जांच के दौरान मामला संदिग्ध पाया गया। इसके बाद BMO ने CMHO कार्यालय को इसकी जानकारी दी। CMHO कार्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया कि संबंधित आदेश उनके कार्यालय से जारी ही नहीं किया गया है।
CMHO ने यह भी बताया कि करण देवांगन का पद राज्य संवर्ग का है और उसके स्थानांतरण का अधिकार राज्य शासन के पास है। इसके अलावा उस समय स्थानांतरण पर प्रतिबंध भी लागू था। कथित आदेश पर किए गए हस्ताक्षर भी CMHO के नहीं होने की बात सामने आई।
इसके बाद CMHO कार्यालय ने BMO को फर्जी आदेश के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए।
BMO की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया केस…
BMO कार्यालय की ओर से पलारी थाने में शिकायत दी गई। पुलिस ने शिकायत, अधिकारियों के बयान और कथित फर्जी आदेश समेत अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद FIR दर्ज की।
FIR में पुलिस ने उल्लेख किया है कि जांच के दौरान यह पाया गया कि करण कुमार देवांगन एवं अन्य आरोपियों द्वारा कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर कर मिथ्या दस्तावेज में कूटरचना की गई। इसके बाद इस दस्तावेज का उपयोग सरकारी कार्यालय में लिखित आवेदन के साथ किया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला…
पलारी पुलिस ने मामले में BNS की धारा 318(4), 336(3), 337, 338, 340(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
पार्टी ने दोनों नेताओं को किया निष्कासित…
फर्जी नियुक्ति पत्र मामले में कार्रवाई के बाद बीजेपी ने जिला महामंत्री कृष्णा अवस्थी और जिला उपाध्यक्ष पुनीराम पटेल के खिलाफ भी संगठनात्मक कार्रवाई की है। पार्टी ने दोनों नेताओं को संगठन से निष्कासित कर दिया है।
देखें निष्कासन का आदेश….




