रायगढ़।जिले के कोटमार-मौहापाली स्थित इंड सिनर्जी लिमिटेड को जमीन से कब्जा हटाने के लिए नायब तहसीलदार न्यायालय ने बेदखली की सूचना जारी की है। न्यायालय ने कंपनी प्रबंधन को 15 दिनों के भीतर, यानी 12 नवंबर 2026 तक, कथित अनाधिकृत कब्जा हटाकर न्यायालय को सूचित करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में कब्जा नहीं हटाने पर नियमानुसार बेदखली की कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
नायब तहसीलदार रायगढ़ के न्यायालय से 26 अक्टूबर 2026 को जारी सूचना के अनुसार, यह मामला सीमा खेडुलकर पति यशवंत खेडुलकर तथा संदीप गायकवाड़ पिता स्व. मधुकर गायकवाड़ बनाम प्रबंधक, इंड सिनर्जी लिमिटेड कोटमार- मौहापाली से संबंधित है। प्रकरण में ग्राम कोटमार स्थित भूमि पर कब्जे को लेकर छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 250 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
न्यायालय ने अपने मूल राजस्व प्रकरण में 3 मार्च 2023 को आदेश पारित करते हुए तत्कालीन इंड एग्रो सिनर्जी लिमिटेड, जिसे वर्तमान में इंड सिनर्जी लिमिटेड के नाम से जाना जाता है, को संबंधित भूमि से बेदखल करने का आदेश दिया था।
आपको बता दें कि बेदखली किए जाने वाले इस आदेश को कंपनी ने चुनौती भी दी थी लेकिन प्रथम अपील में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), रायगढ़ ने 13 नवंबर 2024 को अपना आदेश पारित किया। इसके बाद द्वितीय अपील में कलेक्टर, जिला रायगढ़ ने 10 अगस्त 2026 को आदेश पारित करते हुए बेदखल किए जाने के आदेश को यथावत रखा। नायब तहसीलदार न्यायालय द्वारा जारी बेदखली सूचना में स्पष्ट किया गया है कि दोनों अपीलीय आदेशों के तहत मूल न्यायालय का 3 मार्च 2023 का बेदखली आदेश यथावत रखा गया है।
अब इसी आदेश के अनुपालन में नायब तहसीलदार न्यायालय ने कंपनी प्रबंधन को कब्जा हटाने के लिए अंतिम निर्धारित समय दिया है। सूचना में कहा गया है कि कंपनी 12 नवंबर 2026 तक अपना कब्जा हटाकर न्यायालय को इसकी जानकारी दे। ऐसा नहीं करने पर नियमानुसार कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर इंड सिनर्जी लिमिटेड प्रबंधन न्यायालय के आदेश का पालन करता है या प्रशासन को बेदखली की कार्रवाई करनी पड़ती है।


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