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आज की 5 प्रमुख बड़ी खबरे…..

भीषण गर्मी के बीच बड़ा निर्णय कल से 12 से 4 बजे तक बंद रहेगा…

नई दिल्ली:– भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए बिलासपुर यातायात पुलिस ने आम जनता को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल अब अस्थायी रूप से दोपहर के समय बंद रहेंगे, ताकि लोगों को तेज धूप में रुकना न पड़े।

यातायात पुलिस के निर्देश के अनुसार 17 अप्रैल 2026 से रोजाना दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सभी प्रमुख ट्रैफिक सिग्नल बंद रहेंगे। यह व्यवस्था अस्थायी रूप से लागू की गई है और इसका उद्देश्य नागरिकों को गर्मी के दौरान होने वाली परेशानी से राहत देना है।

लोगों की सुविधा को ध्यान में रखकर निर्णय….

एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि वर्तमान में तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है और दोपहर के समय लू का असर सबसे अधिक होता है। ऐसे में सिग्नल पर रुकने से खासकर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को अधिक कठिनाई होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

नियमों का पालन जरूरी रहेगा….

हालांकि ट्रैफिक सिग्नल बंद रहेंगे, लेकिन वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। पुलिस ने अपील की है कि सभी लोग सावधानी बरतें और सड़क सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

कमजोर वर्गों को प्राथमिकता देने की अपील….

यातायात पुलिस ने यह भी कहा है कि चौक-चौराहों पर वाहन चालक महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को प्राथमिकता दें। उन्हें सड़क पार करने में सहयोग प्रदान करें, जिससे वे सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।

स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर….

प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे भीषण गर्मी के दौरान पर्याप्त पानी पिएं, धूप से बचाव करें और डॉक्टरों द्वारा बताए गए स्वास्थ्य सुझावों का पालन करें। लू से बचाव के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

आपात स्थिति के लिए व्यवस्था….

यातायात पुलिस ने बताया कि सभी प्रमुख चौराहों पर अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहेंगे। यदि किसी व्यक्ति को गर्मी के कारण परेशानी होती है तो वह तुरंत पुलिस से संपर्क कर सकता है। जरूरत पड़ने पर कंट्रोल रूम के माध्यम से तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

शिक्षा घोटाला: गिरफ्तारी से खुली परतें, लेकिन बड़े चेहरों पर खामोशी—जांच पर उठे तीखे सवाल….

बिलासपुर | शिक्षा विभाग में करीब 29.62 लाख रुपये के कथित गबन मामले में पुलिस की कार्रवाई ने हलचल जरूर पैदा की है, लेकिन इसके साथ ही जांच की दिशा और दायरे पर गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं। थाना कोटा पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, पर मामला जिस स्तर तक पहुंचता दिख रहा है, वहां अब तक की कार्रवाई अधूरी नजर आ रही है।

कांग्रेस नेता अंकित गौरहा की शिकायत के बाद यह पूरा मामला सामने आया। मुख्य सचिव, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन के आधार पर प्रार्थी नरेंद्र प्रसाद मिश्रा की रिपोर्ट पर थाना कोटा में अपराध क्रमांक 171/2026 दर्ज हुआ। जांच में यह सामने आया कि शासकीय कर्मचारी रहते हुए वेतन और भत्तों में कूट रचना कर सितंबर 2024 से नवंबर 2025 के बीच 29,62,222 रुपये का गबन किया गया।

कार्रवाई के तहत पुलिस ने आरोपी देवेंद्र कुमार पालके को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं इस मामले का दूसरा आरोपी नवल सिंह पैकरा लेखपाल सहायक ग्रेड-02 अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। एक गिरफ्तारी के बावजूद पूरे मामले की परतें जिस तरह सामने आ रही हैं, उससे यह स्पष्ट है कि कहानी यहीं खत्म नहीं होती।

मामले में जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे और विभागीय स्टाफ की भूमिका पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि वित्तीय अनियमितताओं का यह पूरा घटनाक्रम उनके कार्यकाल में हुआ, इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। यही वजह है कि जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं और यह आशंका भी गहराने लगी है कि कहीं मामला सीमित दायरे में ही न समेट दिया जाए।

इसी शिकायत में अनुकंपा नियुक्तियों को लेकर भी गड़बड़ी का आरोप है। इसके साथ ही अंकित गौरहा ने यह भी आरोप लगाया है कि विभाग में करीब 25 कर्मचारियों—भृत्य, बाबू और शिक्षक—का संलग्ग्नीकरण यानी अटैचमेंट किया गया है। उनके अनुसार इस अटैचमेंट के नाम पर कर्मचारियों से 5 हजार, 10 हजार और 15 हजार रुपये तक की वसूली की जाती है। यह आरोप सामने आने के बाद मामला सिर्फ गबन तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि विभाग के भीतर चल रहे कथित आर्थिक तंत्र की ओर भी इशारा करता है।

अंकित गौरहा ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सत्तारूढ़ पक्ष पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई न होना कई तरह की शंकाओं को जन्म देता है। उन्होंने साफ कहा है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है और जब तक पूरे प्रकरण में शामिल सभी लोगों पर निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जांच सिर्फ निचले स्तर तक सीमित रहेगी या फिर बड़े चेहरों तक भी पहुंचेगी। गिरफ्तारी ने एक रास्ता जरूर खोला है, लेकिन असली परीक्षा अब इस बात की है कि जांच कितनी दूर तक जाती है और क्या यह पूरी सच्चाई सामने ला पाती है।

स्टेट वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न वैदिक न्यूज की सैय्यद सलमा सहित सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों ने ली शपथ….

अंबेडकर जयंती पर संविधान, लोकतंत्र और पत्रकारिता विषयक व्याख्यानमाला का आयोजन….

उपशीर्षक- संविधान की मूल भावना, लोकतंत्र की चुनौतियों और ग्रामीण पत्रकारिता की भूमिका पर गहन मंथन, पदाधिकारियों को दिलाई गई शपथ…

रायपुर। स्टेट वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन छत्तीसगढ़ द्वारा इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन (IJU) से संबद्ध अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल 2026) के अवसर पर संविधान, लोकतंत्र और पत्रकारिता विषय पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने संविधान की प्रासंगिकता, लोकतंत्र की स्थिति और पत्रकारिता की जिम्मेदारी पर विस्तार से विचार रखे।

संविधान विषय पर वक्ता एस.के. पासवान ने कहा कि भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की आधारशिला है। आज जरूरत है कि हर नागरिक संविधान को समझे और उसके मूल्यों को अपने जीवन में उतारे, तभी लोकतंत्र मजबूत होगा।

पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. सुशील त्रिवेदी ने लोकतंत्र पर बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निरंतर जागरूकता, जवाबदेही और भागीदारी की प्रक्रिया है। वर्तमान समय में लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और पारदर्शिता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है, जिसमें मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

मनजीत कौर ने ग्रामीण पत्रकारिता पर अपने विचार रखते हुए कहा कि ग्रामीण अंचलों में पत्रकारिता ही वह माध्यम है जो लोकतंत्र और संविधान की वास्तविक स्थिति को सामने लाती है। गांवों की समस्याओं, हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज को मुख्यधारा तक पहुंचाना पत्रकारों की जिम्मेदारी है।

डॉ. नंदन ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबा साहेब का सपना एक समतामूलक समाज का था, जहां हर व्यक्ति को समान अवसर मिले। आज के दौर में उनके विचार और भी प्रासंगिक हो गए हैं, खासकर तब जब समाज में असमानताएं और चुनौतियां सामने हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत नन्ही अरुणिमा शर्मा के मधुर गीत से हुई, जिसने पूरे वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। आयोजन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई। वक्ताओं और उपस्थितजनों ने ऐसे कार्यक्रमों को समाज के लिए आवश्यक बताते हुए सराहना की।

कार्यक्रम संगठन के संरक्षक दिवाकर मुक्तिबोध की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य (आईजेयू) दिलीप कुमार साहू, विनीता मंडल, प्रदेश अध्यक्ष पी.सी. रथ, उपाध्यक्ष अजीत कुमार शर्मा, रेणु तिवारी “नंदी”, कृष्णा गोस्वामी, कोषाध्यक्ष शुभम वर्मा, उपकोषाध्यक्ष सैयद सलमा, संयुक्त सचिव रूमा सेन गुप्ता, संतोष राजपूत, प्रदेश मीडिया प्रभारी जयदास मानिकपुरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य वीरेंद्र कुमार शर्मा, घनश्याम गुप्ता, शिवशंकर पांडे, जितेंद्र साहू, हरिमोहन तिवारी, संस्कार तम्बोली सहित जिला पदाधिकारियों में अमित बाघ, लविंदर पाल सिंघोत्रा, सुधीर वर्मा एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

वेदांता पॉवर प्लांट में 20 मौतों के बाद कार्रवाई : वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 19 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज…

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांच में प्रथम दृष्टया प्लांट प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। सभी के खिलाफ बीएनएस की धारा 106, 289, 3-5 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

बता दें कि वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए बॉयलर ब्लास्ट में अब तक 20 मजदूरों की मौत हुई है, जबकि 16 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से जारी सूची के अनुसार हादसे में जान गंवाने वालों में 5 लोग छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, जबकि 15 मृतक अन्य राज्यों से हैं।

सीएम ने मजिस्ट्रियल जांच के दिए हैं निर्देश…

इस घटना की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में जो भी दोषी होंगे उन पर श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री साय ने मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है। PMO ने भी मुआवजे की घोषणा की है। PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।

मृतक के परिजन को 35-35 लाख और नौकरी देगी कंपनी…

बता दें कि रायगढ़ के अलग-अलग अस्पतालों में 11 घायलों का इलाज चल रहा है। रायगढ़ के बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में बनवारी लाल, उपेंद्र और परदेशी लाल चंद्रा का इलाज जारी है। वहीं 2 मजदूर उमेंद्र और किस्मत अली का रायपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वेदांता प्रबंधन ने मृतक के परिजन को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का ऐलान किया है। वहीं घायलों को 15-15 लाख रुपए देने की बात कही है।

हादसे में इन लोगों की हुई है मौत –

प्रयास विद्यालय में करियर गाइडेंस कार्यक्रम, मेडिकल क्षेत्र की संभावनाओं से रूबरू हुए विद्यार्थी….

नीट तैयारी से लेकर मेडिकल करियर विकल्पों तक मिली विस्तृत जानकारी….

रायगढ़।कलेक्टर के निर्देश एवं सहायक आयुक्त श्री एस. के. दुबे के मार्गदर्शन में शासकीय आवासीय प्रयास विद्यालय, रायगढ़ में विद्यार्थियों के लिए करियर गाइडेंस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विशेष रूप से मेडिकल क्षेत्र में उपलब्ध करियर विकल्पों, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य एवं प्रशासनिक अधिकारी श्री तिवारी द्वारा किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में सही दिशा और मार्गदर्शन ही विद्यार्थियों को सफलता के शिखर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मिड़मिड़ा के व्याख्याता श्री नरेंद्र देवांगन उपस्थित रहे। उन्होंने अपने लंबे शिक्षण अनुभव के आधार पर विद्यार्थियों को मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

व्याख्याता श्री देवांगन ने विद्यार्थियों को मेडिकल फील्ड में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों जैसे एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, नर्सिंग, पैरामेडिकल, लैब टेक्नीशियन और रेडियोलॉजी के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा नीट की तैयारी के लिए सही रणनीति, समय प्रबंधन, नियमित अभ्यास और मानसिक दृढ़ता के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतरता, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण अत्यंत आवश्यक है। उनके प्रेरणादायक उदाहरणों से विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हुआ।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने करियर से जुड़े सवाल पूछे, जिनका मुख्य वक्ता ने सरल और स्पष्ट रूप से समाधान किया। इस संवादात्मक सत्र ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया गया। प्राचार्य श्री तिवारी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए बेहद उपयोगी होते हैं और भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे।

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